ई दिल्ली, 24 जुलाई 2024: अहिंसा विश्व भारती और विश्व शांति केंद्र के संस्थापक जैन आचार्य डॉ. लोकेश जी ने शिकागो ओपन यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित किया। इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित भव्य समारोह में आचार्यश्री ने समाज के विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिष्ठित हस्तियों को डॉक्टरेट की उपाधि प्रदान की और उसके बाद मीडिया को संबोधित किया। समारोह में आचार्यश्री का शॉल एवं स्मृति चिन्ह देकर अभिनंदन किया गया।
परम पूज्य आचार्य लोकेश जी ने डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त करने पर बधाई देते हुए कहा कि शिक्षा एक ऐसा माध्यम है जो व्यक्तिगत प्रगति में मदद करता है और साथ ही समाज की प्रगति और कल्याण में भी मददगार साबित होता है। उच्च शिक्षा व्यक्तिगत और सामूहिक कल्याण दोनों के लिए महत्वपूर्ण है, एक डिग्री प्राप्त कर व्यक्ति बेहतर नौकरी के अवसर, उच्च कमाई और यहां तक की बेहतर स्वास्थ्य के लिए प्रयासरत रहता है। उच्च शिक्षा लोकतंत्र और सतत विकास को भी बढ़ावा देती है और अपराध को कम करने में योगदान देती है। शिकागो ओपन यूनिवर्सिटी जैसे संस्थान विभिन्न क्षेत्रों के लोगों को डॉक्टरेट की डिग्री प्रदान करके महान मानव कल्याण का कार्य कर रहे हैं।

विश्व शांति दूत आचार्य लोकेश ने स्कूल और विश्वविद्यालय में शांति शिक्षा को समाहित करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि शांति शिक्षा पाठ्यक्रम का हिस्सा होना चाहिए। अच्छे डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, वैज्ञानिक, शिक्षाविद् बनाने के साथ-साथ यह बहुत महत्वपूर्ण है कि हमारी शिक्षा प्रणाली अच्छे व्यक्तित्व का निर्माण करे। ‘शांति शिक्षा’ जो प्राचीन योग और वर्तमान वैज्ञानिक अनुसंधान का एक संयोजन है विभिन्न स्कूलों और विश्वविद्यालयों में पाठ्यक्रम के रूप में शैल हो सकती है । शांति शिक्षा मानव में पाशविक प्रवृत्ति को समाप्त कर मानवीय एवं आध्यात्मिक मूल्यों को जागृत करने का कार्य करता है।

समारोह के बाद शांति शिक्षा और आगामी विश्व शांति केंद्र पर विस्तृत चर्चा की गई और दीक्षांत समारोह के बाद भव्य भोज का आयोजन किया गया।

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मुझे खुशी है कि इस बार सिविल सेवा दिवस की थीम, भारत के समग्र विकास की चर्चा की गई।